चुनाव आयोग की नई गाइडलाइन, 1000 लोगों की सभा के लिए मिली अनुमति
-निर्वाचन आयोग ने इससे पहले COVID प्रतिबंधों के साथ निर्दिष्ट खुले स्थानों पर प्रचार के लिए सुरक्षा कर्मियों और वीडियो वैन को छोड़कर, डोर टू डोर अभियान के लिए पांच व्यक्तियों की सीमा को 10 व्यक्तियों तक किया गया था, जिसे बढ़ाकर 20 कर दिया है। यूपी, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा व मणिपुर में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव 10 फरवरी से 7 मार्च के बीच होंगे। मतों की गिनती 10 मार्च को की जाएगी।
शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (Shabd Rath News)। पांच राज्यों में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने नई गाइडलाइन जारी की है। डोर-टू-डोर कैंपेन के लिए 10 की जगह अब 20 लोगों की इजाजत दो गई। जबकि, इनडोर बैठक में 300 की जगह अब 500 लोग शामिल हो सकते हैं। गौरतलब है कि COVID-19 के बढ़ते मामलों के बीच चुनाव आयोग ने 22 जनवरी को फिजिकल रैलियों व रोड शो पर प्रतिबंध को 31 जनवरी तक के लिए बढ़ा दिया था।
पिछली बैठक में पहले-दूसरे चरण के लिए रैली की दी गई थी। आयोग ने 22 जनवरी को राजनीतिक दलों या चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की फिजिकल जनसभाओं के लिए 28 जनवरी से अनुमति दी थी। दूसरे चरण के लिए एक फरवरी से छूट थी। नई गाइड लाइन में 500 की जगह 1000 लोगों की सभा की करने की अनुमति दी गई है।
चुनाव आयोग की नई गाइडलाइन
-11 फरवरी तक किसी भी रोड शो, पद-यात्रा, साइकिल/बाइक/वाहन रैलियों व जुलूसों की अनुमति नहीं दी जाएगी।
-आयोग ने राजनीतिक दलों या चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की अधिकतम 1000 व्यक्तियों (मौजूदा 500 व्यक्तियों के बजाय) या एसडीएमए द्वारा निर्धारित सीमा या जमीन की क्षमता के 50% के साथ (जो भी कम हो) निर्दिष्ट खुले स्थानों में फिजिकिल सार्वजनिक बैठकों की अनुमति देने का निर्णय लिया है।
-आयोग ने घर-घर जाकर प्रचार करने की सीमा भी बढ़ा दी है। घर-घर जाकर प्रचार करने के लिए 10 लोगों की जगह सुरक्षाकर्मियों को छोड़कर 20 लोगों को अनुमति दी जाएगी। घर-घर जाकर अभियान चलाने के अन्य निर्देश जारी रहेंगे।
-आयोग ने राजनीतिक दलों के लिए अधिकतम 500 व्यक्तियों (मौजूदा 300 व्यक्तियों के बजाय) या हॉल की क्षमता का 50% या एसडीएमए द्वारा निर्धारित निर्धारित सीमा की इनडोर बैठकों की अनुमति है।
-राजनीतिक दल व चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार चुनाव से जुड़ी गतिविधियों के दौरान सभी अवसरों पर COVID उचित व्यवहार और दिशा-निर्देशों और आदर्श आचार संहिता का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।
-8 जनवरी 2022 को जारी चुनावों के संचालन के लिए संशोधित व्यापक दिशा-निर्देश, सभी शेष प्रतिबंध लागू रहेंगे।
सभी राज्य के मुख्य सचिवों ने आयोग को बताया कि संक्रमण दर में गिरावट दिख रही है, अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। हालांकि, राज्य के अधिकारियों बे कहा कि कोविड प्रोटोकॉल की सावधानियों को जारी रे रखना जरूरी है ताकि अत्यधिक राजनीतिक गतिविधि के कारण तीव्र सार्वजनिक संपर्क के कारण कोरोना मामलों में वृद्धि न हो।
भारत निर्वाचन आयोग
