हरक सिंह रावत भाजपा में नए, उन्हें कार्यकर्ताओं की पहचान नहीं, हरक के खिलाफ खुला मोर्चा
-उत्तराखंड राज्य कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष शमशेर सिंह सत्याल ने कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के बयान का दिया जवाब। हरक सिंह ने कल एक बयान में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत पर भाजपा को कमजोर ( जिस डाल पर बैठे उसी डाल को काटने) करने का आरोप लगाया था। सत्याल ने कहा कि डाल डाल कौन बैठता है, सब को पता है।

शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। उत्तराखंड में कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत और राज्य कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष शमशेर सिंह सत्याल के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। सत्याल में आज कहा कि हरक सिंह रावत भाजपा में नए हैं, इसलिए उन्हें अभी भाजपा कार्यकर्ताओं के बारे में पता नहीं है।
गौरतलब है कि कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने बोर्ड के अध्यक्ष सत्याल को पद से हटाने के लिए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से पैरवी कर दी है। हरक ने मीडिया को दिए बयान में कहा था कि त्रिवेंद्र के समय के सब दर्जाधारियों को हटा दिया गया है, इसलिए सत्याल को हटाना चाहिए। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सहित कई मंत्रियों तक के नाम गिनाए थे कि वह भी सत्याल को हटाने की पैरवी कर रहे हैं। हरक सिंह रावत यहीं नहीं रुके, उन्होंने यहां तक कह दिया कि पूर्व मुख्यमंत्री जिस डाल (भाजपा) पर बैठे थे उसी को काट (कमजोर) रहे थे।
हरक सिंह रावत कर रहे गलत बयानबाजी
अब शमशेर सिंह सत्याल भी खुलकर मैदान में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत लगातार झूठी बयानबाजी कर रहे हैं। शमशेर ने कहा कि मैं पिछले 40 सालों से भाजपा के कार्यकर्ता हूं। प्रदेश भाजपा में कई जिम्मेदारियों का निर्वहन भी कर चुका हूं। लेकिन, हरक सिंह रावत उनके खिलाफ जिस तरह से अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। वह सीधे तौर पर उनके ऊपर आक्रमण है।
बोर्ड में पाई गई वित्तीय अनियमितता
सत्याल ने बताया कि मुझसे पहले कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत कर्मकार बोर्ड के अध्यक्ष थे। उनका कार्यकाल पूरा होने के बाद त्रिवेंद्र सरकार के कार्यकाल में इन्हें दायित्व देते हुए बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया। जब उन्होंने बोर्ड अध्यक्ष के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था, उन्हें बोर्ड के भीतर कई वित्तीय अनियमितताएं दिखाई दी थी। इन्होंने जांच करायी, जिसमें करोड़ों रुपए के वित्तीय अनियमितताएं सामने आयी।
सरकार सार्वजनिक करे जांच रिपोर्ट
सत्याल ने बताया कि जो जांच कराई गई है, वह पूरी हो गयी है। लेकिन, उसकी रिपोर्ट शासन में लंबित पड़ी है। सत्याल ने राज्य सरकार से मांग की है कि जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि स्थितियां स्पष्ट हो सके। जांच में जो दोषी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
