काव्य साहित्य कवियित्री डॉ अलका अरोड़ा की शानदार रचना, कभी यूँ ही अपने मिजाज बदला कीजिए January 7, 2021 admin डॉ अलका अरोड़ा प्रोफेसर, देहरादून ————————————– कभी यूँ ही अपने मिजाज बदला कीजिए ————————————————– कभी…
काव्य साहित्य मुंबई महाराष्ट्र से तारा पाठक की एक रचना.. गिरिराज के वक्ष स्थल से गंगा सागर तक January 5, 2021 admin तारा पाठक वर्सोवा, मुंबई महाराष्ट्र —————————————— गंगा-सागर —————————– मैंने माँ गंगा से पूछा- तुम तो…
काव्य साहित्य डॉ अलका अरोड़ा की एक रचना… आओ रुक जाएं यहीं January 5, 2021 admin डॉ अलका अरोड़ा प्रोफेसर -देहरादून ——————————– आओ रुक जायें यहीं ———————————– आओ रुक जाए यहीं…
साहित्य डॉ अलका अरोड़ा की एक रचना, मेरी वफा का सिला यही वो मुझपे मरता है January 2, 2021 admin डॉ अलका अरोड़ा प्रोफेसर, देहरादून ————————————– अफसाने तेरे नाम के – – – – –…
काव्य साहित्य डॉ शशि जोशी की एक रचना.. जा रहा है यह दिसम्बर भी कलैंडर छोड़कर! December 31, 2020 admin डॉ शशि जोशी प्रभारी प्रधानाध्यपिका (एलटी हिंदी) राजकीय कन्या उमावि बांगीधार, सल्ट, अल्मोड़ा उत्तराखंड —————————————————————-…
उत्तराखण्ड साहित्य कवियित्री तारा पाठक की रचना… हमर नौं साल चैत में आल December 31, 2020 admin तारा पाठक वर्सोवा, मुंबई, महाराष्ट्र ——————————————– हमर नौं साल चैत में आल ———————————————- तुम बधाइ…
News Update देहरादून साहित्य सिटी अपडेट शांति प्रकाश जिज्ञासु की पुस्तक ‘गढ़वाली मांगल’ का हुआ लोकार्पण December 30, 2020 admin -अजीम प्रेमजी फाउंडेशन अपर आमवाला में आयोजित हुआ लोकार्पण समारोह। मुख्य अतिथि आशाराम सिमलान, कार्यक्रम…
साहित्य पटना बिहार से प्रसिद्ध साहित्यकार ऋचा वर्मा की एक लघु कथा… हिसाब December 28, 2020 admin ऋचा वर्मा अनिसाबाद, पटना ——————————————- हिसाब ——————— “आप यहां…. प्रणाम सर…” “अरे… सुरेश बाबू, प्रणाम…
काव्य साहित्य कवि वीरेन्द्र डंगवाल “पार्थ” का एक राजनगर को जन्मदिवस पर साहित्यिक नमन.. एक रचना December 28, 2020 admin वीरेन्द्र डंगवाल “पार्थ” देहरादून, उत्तराखंड ———————————————– टिहरी… एक राजनगर .. जन्मभूमि ————————————– छूट गया वो…
काव्य साहित्य तारा पाठक की एक कुमाऊनी बाल कविता… नानि-नानि नातिणि हमरि December 27, 2020 admin तारा पाठक वर्सोवा मुंबई, महाराष्ट्र ———————————- नानि-नानि नातिणि हमरि ठुल्लो छ मिजात। द्वि म्हैंणैं उमर…