Fri. Jul 10th, 2026

साहित्य

वरिष्ठ कवि जीके पिपिल का राजनीति पर एक मुक्तक … कभी टोपी तो कभी सर का ताज बदल लेता है..

जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड ———————————————————————————– कभी टोपी तो कभी सर का ताज बदल लेता है…

कवि तारा पाठक की एक कुमाऊनी रचना … मुसुलि बाना हैगे ज्वाना..

तारा पाठक हल्द्वानी, उत्तराखंड ——————————————————————– कुमाउनी बाल कविता मुसुलि बाना हैगे ज्वाना। तली सारी, मली…

कवि सुलोचना परमार उत्तरांचली की एक रचना… अग्नि परीक्षा

सुलोचना परमार उत्तरांचली देहरादून, उत्तराखंड ——————————————————— अग्नि परीक्षा दौर कोई भी रहा यहां पर अग्नि…

कवि धर्मेंद्र अनियाल ‘धर्मी’ की एक रचना.. तो फिर समझो चुनाव नज़दीक है..

धर्मेंद्र उनियाल धर्मी अल्मोड़ा, उत्तराखंड ————————————————— तो फिर समझो चुनाव नज़दीक है। जब जब जनता…

कवि जसवीर सिंह हलधर की एक रचना… भारत माता आहत है अब पाकिस्तानी नारों से..

जसवीर सिंह ‘हलधर’ देहरादून, उत्तराखंड ———————————————————- कविता-आहत हिंदुस्तान भारत माता आहत है अब पाकिस्तानी नारों…