Fri. Oct 9th, 2026

साहित्य

वरिष्ठ कवि जीके पिपिल की एक गज़ल.. हम ख़ुद को बेचकर अपने घर मेहमान ले आये

जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड ——————————————————————— गज़ल हम ख़ुद को बेचकर अपने घर मेहमान ले आये…

युवा कवि धर्मेन्द्र उनियाल ‘धर्मी’ की एक गढ़वाली रचना… गौऊं की घर-कुडी छौडिक

धर्मेन्द्र उनियाल ‘धर्मी’ अल्मोड़ा, उत्तराखंड ————————————————- गौऊं की घर-कुडी छौडिक, चली गैन नौना ब्वारी लडिक।…

गांधी जयंती पर विशेष: नीलम पांडेय “नील” की एक रचना… बापू…एक विचार

नीलम पांडेय “नील” देहरादून, उत्तराखंड ———————————————————— गाँधी का सामाजिक चिन्तन शोध – सारांश लेखक: नीलम…

विश्व फार्मासिस्ट दिवस के उपलक्ष्य में धर्मेंद्र उनियाल ‘धर्मी’ की एक रचना

धर्मेंद्र उनियाल ‘धर्मी’ चीफ फार्मासिस्ट, अल्मोड़ा ———————————————————- निज सेवाओं में उत्कृष्ट हूं, हां, मैं एक…