घर-घर से कूड़ा उठाने के काम में लगी को इकोग्रीन के कर्मचारियों ने शनिवार को फिर हड़ताल कर दी।

फरीदाबाद : घर-घर से कूड़ा उठाने के काम में लगी को इकोग्रीन के कर्मचारियों ने शनिवार को फिर हड़ताल कर दी। हड़ताल के चलते ना तो घर-घर से कूड़ा एकत्र किया गया और ना ही खत्तों पर जमा कूड़ा उठाया गया। एनआइटी, बल्लभगढ़ और ओल्ड फरीदाबाद के विभिन्न क्षेत्रों का पहले से ही बुरा हाल है। कर्मचारियों की मांग है कि उनके वेतन में से काटा गया पीएफ का पैसा लौटाया जाए क्योंकि पीएफ के नाम का पैसा संबंधित विभाग में जमा नहीं कराया गया।
बता दें कि दिसंबर 2017 में इकोग्रीन कंपनी ने नगर निगम क्षेत्र में घर-घर से कूड़ा उठाने का काम शुरू किया था। शुरुआती दौर में 5 वार्डों में कूड़ा उठाने का काम शुरू किया गया था। इसके बाद धीरे-धीरे अन्य वार्डों में इकोग्रीन के वाहन कूड़ा एकत्र करने के लिए जाने लगे थे। कर्मचारियों की इस बात को लेकर नाराजगी है कि करीब 6 महीने का पीएफ का पैसा संबंधित विभाग में जमा नहीं कराया है। कंपनी यह पैसा अब कर्मचारियों को लौटाने की बात कर रही है, मगर उन्हें पैसा लौटाया नहीं जा रहा है। इसी के चलते कर्मचारियों ने 2 महीने में 4 बार हड़ताल की थी। पिछले हफ्ते जब कर्मचारियों ने हड़ताल की तो आश्वस्त किया गया था कि कर्मचारियों को पैसा वापस दे दिया जाएगा। इकोग्रीन प्रबंधकों के अनुसार कुछ कर्मचारियों को पीएफ का पैसा लौटाया जा चुका है। धीरे-धीरे कर्मचारियों को पैसा लुटाया जा रहा है जबकि कर्मचारियों का कहना है कि अब जब तक यह का पैसा नहीं मिलेगा वह काम पर नहीं लौटेंगे।
एक तरफ तो शहर के खतरों पर कूड़ा जमा है और दूसरी तरफ शुक्रवार और शनिवार की बरसात ने शहर की हालत और बिगाड़ दी है। अब कर्मचारियों के रोष को देखते हुए कंपनी ने रविवार का अवकाश घोषित कर दिया है। शहर के विभिन्न वार्डों से रविवार को भी इकोग्रीन के कर्मचारी घर-घर से कूड़ा एकत्र नहीं करेंगे। इससे साफ है कि शहर की सफाई व्यवस्था और बिगड़ेगी। इस बारे में नगर निगम के कार्यकारी अभियंता दीपक किगर कहते हैं कि खत्तों से कूड़ा उठाने के काम में लगे ट्रैक्टर चालक पहले से हड़ताल पर चल रहे हैं और अब घर-घर से कूड़ा उठाने के काम में लगे कर्मचारी भी हड़ताल पर हैं। इस बारे में इकोग्रीन कंपनी प्रबंधकों से बातचीत की जा रही है। इकोग्रीन के प्रबंधक वीरेंद्र भाटी ने बताया कि सोमवार दोपहर से पहले समस्या का समाधान हो जाएगा।
