उत्तराखंड आने के लिए अब नहीं कराना होगा रजिस्ट्रेशन, नई एसओपी जारी
राज्य में कोविड 19 के जारी हुई नई एसओपी। एक फरवरी से होगी लागू।
देहरादून (Dehradun)। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने शुक्रवार को कोविड-19 की नई एसओपी (sop) जारी कर दी है। अब दूसरे राज्यों से उत्तराखंड आने वाले लोगों को सिटी पोर्टल (city Portal) पर पंजीकरण (registration) कराने की जरूरत नहीं है। साथ ही कंटेनमेंट जोन (centenment jon) से बाहर सभी कुछ अनलॉक कर दिया गया है। लेकिन, कोरोना वायरस संक्रमण (Corona various infection) की रोकथाम के लिए सार्वजनिक स्थानों, बाजार, कार्यस्थलों, भीड़भाड़ वाली जगहों, सार्वजनिक परिवहन में मास्क पहनने, शारीरिक दूरी और सैनिटाइज के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। उक्त व्यवस्था एक फरवरी से लागू होगी।
आपदा प्रबंधन सचिव एसए मुरुगेशन (secretary SA Murugation) की ओर से एसओपी जारी की गई है। राज्य सरकार ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी एसओपी के दिशा-निर्देशों को ही अपनाया है। सरकार ने कंटेनमेंट जोन से बाहर लगे प्रतिबंधों में छूट दी है। कंटेनमेंट जोन के बाहर सामाजिक, धार्मिक, खेल, मंनोरजन से जुड़े आयोजनों में लोगों की संख्या तय करने का अधिकार डीएम को दिया गया है।
आरोग्य सेतु एप में नहीं दी गई छूट
स्वीमिंग पुल के लिए खेल मंत्रालय, सिनेमाघरों में 50 प्रतिशत से ज्यादा सीटों के इस्तेमाल के लिए सूचना प्रसारण मंत्रालय और प्रदर्शनी के लिए वाणिज्य मंत्रालय की जारी एसओपी के आधार पर राज्य में छूट दी जाएगी। वहीं, कोरोना संक्रमण की निगरानी के लिए आरोग्य सेतु एप की व्यवस्था में छूट नहीं दी है। यह व्यवस्था पहले की भांति रहेगी।
राज्य सरकार कुम्भ मेले के लिए अलग से जारी करेगी एसओपी
हरिद्वार कुंभ मेले में कोविड-19 के लिए सरकार की ओर से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के आधार पर अलग से एसओपी जारी की जाएगी। इसमें कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण कराने की अनिवार्यता हो सकती है। सार्वजनिक और कार्य क्षेत्र में मास्क पहनने की अनिवार्यता का सख्ती से पालन किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति इसका पालन नहीं करता तो उसके खिलाफ जुर्माना लगाया जाएगा। बाजार, भीड़भाड़ वाले स्थानों, सार्वजनिक परिवहन में संक्रमण फैलने के खतरे को देखते हुए मास्क, सोशल डिस्टेसिंग और सैनिटाइजेशन का सख्ती से पालन कराने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
