Fri. Jun 5th, 2026

ताजा राजनीतिक घटनाक्रम पर धर्मेंद्र उनियाल धर्मी की रचना.. दिल्ली का बिरालों न छींकू तोड़ी.. दही भी खत्येणी..घ्यू भी गई

धर्मेंद्र उनियाल धर्मी
अल्मोड़ा, उत्तराखंड
————————————–

यू भी गई….. अर स्यू भी गई,
वू भी गई अर ..अब त्यू भी गई
दिल्ली का बिरालों न छींकू तोड़ी
दही भी खत्येणी …घ्यू भी गई।

चार-चार दिन का राजा बण्यन,
कुछ बासी कुछ, ताजा बण्यन
सब्बू न बोली पूराणू खराब,
फोड़ा कपाल अब नयू भी गई।

यू भी गई ..अर स्यू भी गई,

सब्बू न अपणा खिस्सा भरयन,
चोरी की कमाई का हिस्सा करयन
उत्तराखंड कू कनू फूटी कपाल,
प्राण भी गई अर ज्यू भी गई।

यू भी गई ..अर स्यू भी गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *