कवि जसवीर सिंह हलधर की एक रचना… भारत माता आहत है अब पाकिस्तानी नारों से..
जसवीर सिंह ‘हलधर’
देहरादून, उत्तराखंड

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कविता-आहत हिंदुस्तान
भारत माता आहत है अब पाकिस्तानी नारों से।
हमें जूझना होगा पहले घर बैठे गद्दारों से।।
कुछ लोगों की नींद उड़ी है चैन देश ने पाया है।
आँखों में अंगारे लेकर एक पुजारी आया है।
दो के बदले सौ मारेंगे कसम आज हम खाते है।
सौ के बदले लाख मिटाने की सौगंध उठाते है।
पहले घर के भेदी मारो फिर निबटो मक्कारों से।।
भारत माता आहत है अब पाकिस्तानी नारों से।।1
सत्य अहिंसा वाली लाठी काम नहीं आने वाली।
गोली के बदले में गोली गाली के बदले गाली।
उबल रहा है खून देश का गांव गली चौराहों पर।
हमला दुगनी ताकत से हो अब आतंकी राहों पर।
गंगा का पानी निर्मल हो मैल हटे दरबारों से।।
भारत माता आहत है अब पाकिस्तानी नारो से।।2
कानूनों में संशोधन पर दल्लों ने संयम खोया।
दिल्ली का मंजर देखा तो फूट फूट कर मैं रोया।
जरा गौर से देखो यारो पत्थर वाली टोली को।
अग्नी ने घृत मिला रही जो नेताओं की बोली को।
संविधान भी घायल रोता इनके तुच्छ विचारों से।।
भारत माता आहत है अब पाकिस्तानी नारों से।।3
हलधर “का हिन्दू मोमिन से केवल एक निवेदन है।
कूड़ा मत फैलाओ घर में इतना सा आवेदन है।
सबका घर में मान रहेगा यह विस्वास दिलाता हूँ।
कलम सिपाही हूँ छोटा सा गीत हिन्द के गाता हूँ।
रहो संभलकर भाई मेरे पाक पले अय्यारों से।।
भारत माता घायल है अब पाकिस्तानी नारों से।।4
