अशासकीय महाविद्यालयों के शिक्षक-कर्मचारियों ने किया धरना-प्रदर्शन
-देहरादून के एसजीआरआर पीजी कालेज, डीएवी पीजी कालेज, डीबीएस व केएमपी पीजी कालेज में शिक्षक कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर दिया धरना। उच्च शिक्षा के नए अब्रेला एक्ट में सुधार की मांग

देहरादून (dehradun)। उच्च शिक्षा में नए लागू किए गए अंब्रेला एक्ट में सुधार की मांग को लेकर प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों के शिक्षक व शिक्षेणत्तर कर्मचारी लंबे समय से आंदोलित है। सोमवार को देहरादून के विभिन्न महाविद्यालयों में प्रदर्शन कर धरना दिया गया।

विभिन्न कालेजों में वक्ताओं ने कहा कि एक्ट में सुधार को लेकर राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसदों व सचिवों को भी ज्ञापन दिए गए हैं। गत रविवार को एक प्रतिनिधिमंडल (डॉ यूएस राणा, डॉ देवना शर्मा व शिक्षणेत्तर कर्मचारी) ने देहरादून के मेयर से मिलकर उनके समकक्ष विषय रखा। लेकिन, सरकार के स्तर पर अभी भी किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं हुई। जिस कारण आज भी प्रदेश के 18 अशासकीय कॉलेजों के शिक्षक व शिक्षणत्तर कर्मचारी आंदोलित रहे। सभी ने अपने-अपने महाविद्यालयों में कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए धरना-प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने उद्बोधन में सरकार की नीतियों का विरोध भी किया, साथ ही सरकार के द्वारा लाए गए अंब्रेला अधिनियम में पूर्ण सुधार की आवश्यकता पर बल दिया।

धरना प्रदर्शन में ग्रुटा के महामंत्री डॉ डीके त्यागी, डॉ कौशल कुमार, डॉ राजेश पाल, डॉ एचबीएस रंधावा, डॉ एचवी पंत, डॉ सुंदर सिंह, डॉ जीपी दंग, डॉ संदीप नेगी, डॉ एसपी जोशी, डॉ एआर सेमवाल, डॉ मृद्ला शर्मा, डॉ अतुल सिंह, डॉ हरिओम, डॉ शैली, डॉ सविता रावत, डॉ रवि शरण दीक्षित,शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह, सचिव धीरज कोटनाला, गोविंद रावत, बसंत बिष्ट, भगवान सिंह तोपवाल, पीएन जोशी, गीता रतूड़ी, महेंद्र आदि सहित बड़ी संख्या में शिक्षक कर्मचारी मौजूद रहे। प्रदेश के संगठनों की शक्ति व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के इस चरण को छात्र संगठनों ने भी समर्थन दिया।
