कोरोना काल में भी बदरीनाथ धाम की कमाई साढ़े सात करोड़ रुपए, देवस्थानम बोर्ड के नियमों की मिली मंजूरी
-मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बुधवार को सीएम आवास में आयोजित हुई उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड की बैठक, इस अवसर पर लिए गए कई निर्णय
देहरादून (dehradun)। कोरोना काल में भी भगवान बदरी विशाल (bhagwan badri Vishal) पर लोगों की आस्था और विश्वास बना रहा। मंदिर जाने की छूट के बाद लोगों ने बदरी धाम पहुंचकर बदरीनाथ के दर्शन किए। इस अल्प अवधि में भी भक्तों के भगवान बदरी विशाल को साढ़े सात करोड़ रुपए का चढ़ावा चढ़ाया। वहीं, केदारनाथ में भक्तों ने 75 लाख रुपए का चढ़ावा चढ़ाया। देवस्थानम बोर्ड के कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने इसकी जानकारी बोर्ड बैठक में दी।

मुख्यमंत्री (cm) त्रिवेंद्र सिंह रावत (trivendra Singh rawat) की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड (Uttarakhand devsthanam bird) की बैठक (meeting) हुई। मुख्यमंत्री आवास (cm house) में आयोजित बैठक में बोर्ड के संचालन से संबंधित विषयों के साथ ही बोर्ड की ओर से तैयार किये विभिन्न ड्राफ्ट रूल को मंजूरी दी गई। इसमें पुजारियों, न्यासी तीर्थ पुरोहितों, पंडों व हक-हकूकधारियों के अधिकारों के संरक्षण की नियमावली भी शामिल है। देवस्थानम बोर्ड के लोगो की डिजाइनों पर भी बैठक में चर्चा हुई। तय डिजाइनों में कुछ संशोधन के बाद इस पर अंतिम निर्णय होगा।

बैठक में उत्तराखण्ड देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन (ravinath raman) ने बताया कि 25 अक्टूबर तक चारधाम में 1.72 लाख यात्री दर्शन के लिए आये हैं। यात्रा के लिए 2 लाख दलोगों के रजिस्ट्रेशन कराया था। उन्होंने बताया कि अब तक के यात्रा सीजन में बद्रीनाथ मन्दिर को 7.55 करोड़ ओर केदारनाथ मन्दिर को 75 लाख की आय हुई है। बैठक में कैबिनेट मंत्री (cebinet minister) व उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड सतपाल महाराज (satpal maharaj), विधायक महेन्द्र भट्ट, गोपाल रावत, सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर, सचिव वित्त सौजन्या, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीडी सिंह, देवस्थानम बोर्ड के अनिल ध्यानी, प्रमोद नोटियाल, डॉ हरीश गौड आदि मौजूद रहे।
बदरीनाथ धाम का होगा विस्तार और सौंदर्यीकरण
बद्रीनाथ धाम में यात्रियों की संख्या प्रतिवर्ष बढ़ रही है। ऐसे में व्यवस्था बनाने के लिए श्री बद्रीनाथ धाम में मन्दिर व आसपास के स्थलों के विस्तारीकरण व सौन्दर्यीकरण किया जाएगा। देवस्थानम बोर्ड इस काम को करेगा। तय किया गया कि बोर्ड काम का प्रस्ताव तैयार कर शासन को प्रेषित करेगा। बोर्ड अपने स्तर पर इसके लिये तकनीकी व विषय विशेषज्ञों की व्यवस्था भी कर सकेगा।
