Fri. May 15th, 2026

साहित्य

कवि जीके पिपिल की एक ग़ज़ल…. उसके चेहरे की रंगाई पुताई करनी है किसी दिन

जीके पिपिल देहरादून,उत्तराखंड —————————————————– गज़ल ———— उसके चेहरे की रंगाई पुताई करनी है किसी दिन…

कवि जसवीर सिंह की एक कविता.. अब होना युद्ध जरूरी है.. घर होना शुद्ध जरूरी है.

जसवीर सिंह ‘हलधर’ देहरादून, उत्तराखंड ———————————– कविता – चेतावनी ———————- अब होना युद्ध जरूरी है।…

वरिष्ठ कवि जय कुमार भारद्वाज की एक कविता… शब्द: होता है भारहीन पर.. हल्का नहीं होता

जय कुमार भारद्वाज देहरादून, उत्तराखंड ————————————– शब्द: वह यथार्थ है मित्र जो अन्तस के धरातल…