चमोली ग्लेशियर हादसे में 30 लोगों की मौत, शव मिले, सैकड़ों अभी भी लापता
-टनल में फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान जारी।
देहरादून (Dehradun)। उत्तराखंड के चमोली जनपद (रैणी) में ग्लेशियर टूटने (gleciar burst) से हुई तबाही में अब तक 30 शव बरामद (dedbody) हुए हैं। जबकि, 197 लोग लापता हैं। टनल में फंसे लगभग 30-35 लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान घटना के तीसरे दिन मंगलवार को भी आज भी जारी है।
गौरतलब है कि हादसे में तपोवन का पावर प्रोजेक्ट तबाह हो गया था। रविवार को आईटीबीपी के जवानों ने टनल में फंसे 12 लोगों को निकाला। वहीं, दूसरे टनल में अब भी करीब 30-35 से अधिक लोगों के फंसे होने की आशंका है। सुरंगों के पास से मलबा हटाया जा रहा है।
राज्य और केंद्र सरकार मृतकों के परिजनों को देगी मुआवजा
हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के लिए राज्य और केंद्र सरकार की ओर से मुआवजे दिया जाएगा। राज्य सरकार चार और केंद्र सरकार दो लाख रुपए की सहयोग राशि देने की घोषणा की है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पहुंचे जोशीमठ
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत जोशीमठ के तपोवन टनल में चल रहे राहत और बचाव अभियान का जायजा लेने के लिए जोशीमठ पहुंचे है।
प्रधानमंत्री के रहे हादसे की अपडेट
प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी चमोली में हुए हादसे की निरंतर अपडेट के रहे हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि प्रधानमंत्री का आज सुबह भी फोन आया था। उन्होंने हादसे की अपडेट ली।
