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दून पुलिस ने लाखों रुपए की ठगी के आरोपी को आंध्रप्रदेश से किया गिरफ्तार

-आंध्रप्रदेश के कुरनूल निवासी मोहम्मद शाहिद (Mohammad Shahid) ने कई लोगों से न्यूजीलैंड भेजने के नाम पर लिया रुपए। नौकरी लगाने का दिया था झांसा, नया गांव देहरादून में धीरज के साथ मिलकर खोला हुआ था ऑफिस। गजियावला निवासी मुकेश पाल की तहरीर पर पुलिस ने दर्ज किया था मुकदमा।

देहरादून (Dehradun)। विदेश में नौकरी लगाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से धोखाधड़ी कर लाखों रुपए ठगने वाले आरोपी को पुलिस ने आंध्रप्रदेश (Andhra Pradesh) के कुरनूल (kurnool) से गिरफ्तार (arrested) किया है। आरोपी गत फरवरी से फरार चल रहा था।
गजियावाला निवासी मुकेश पाल (Mukesh pal) ने गत फरवरी में कैंट थाने में तहरीर (fir) दी थी। तहरीर में बताया गया कि नया गांव निवासी धीरज (Dhiraj) और आंध्रप्रदेश निवासी मोहम्मद शाहिद (Mohammad Shahid) ने कई लोगों को न्यूजीलैंड ने नौकरी लगाने का झांसा दिया। न्यूजीलैंड भेजने के लिए उन्होंने 5 लाख रुपए लिए। लेकिन, उसे विदेश नहीं भेजा और न ही रुपए वापस कर रहे हैं। मेरे अलावा सचिन कुमार (Sachin Kumar) और सुनीता रावत (Sunita Rawat) से भी इन लोगों ने विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपए लिए हैं। यह दोनों किसी के भी रुपए वापस नहीं कर रहे हैं। पुलिस ने मुकदमा कर जांच शुरू की। धीरज को पुलिस ने उसी समय गिरफ्तार कर लिया था। जबकि, शाहिद फरार हो गया था। अब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है।

नया गांव में था ऑफिस

धीरज और मोहम्मद शाहिद ने नया गांव (Naya gauon) dehradun में बालाजी मिरेकल नाम से ऑफिस खोल रखा था। उसी ऑफिस में यह युवाओं को विदेश भेजने का ख्वाब दिखाकर रुपए ऐंठते थे।

कोर्ट ने भेजा जेल

दून पुलिस ने आंध्रप्रदेश की स्थानीय पुलिस और मुखबिर की सहायता से 4 नवंबर को शाहिद थाना एडोनी करनूल से गिरफ्तार किया। आज पुलिस ने शाहिद को देहरादून कोर्ट (dehradun court) में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

शाहिद की रायपुर देहरादून से हुई थी शादी, तब से रह रहा था यहीं

पूछताछ में शाहिद ने बताया कि वह मूलरूप से हैदराबाद का निवासी है। 2017 में उसकी शादी रायपुर देहरादून में हुई थी। उसके बाद वह देहरादून में रह रहा था। धीरज के साथ मिलकर उसने युवाओं से विदेश भेजकर नौकरी लगाने के नाम पर रुपए लिए। हम दोनों से रुपए खर्च हो गए। लेकिन, जब लोगों का काम नहीं हुआ तो सब लोग रुपए वापस मांगने लगे। गिरफ्तारी के डर से मैं नवंबर 2019 में हैदराबाद चला गया था। तब से वहीं छिपकर रह रहा था। मुझे अपने ऊपर हुए मुकदमे की जानकारी थी। इसलिए पकड़े जाने के डर से मैं मोबाइल नंबर बदल देता था। मैंने अपना स्थानीय पता भी बदल लिया था। देहरादून के लोगों का लगभग 14 से 18 लाख रुपए लिया है, जो मुझसे देहरादून और हैदराबाद में खर्च हो गए हैं।

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