मेरठ में एनसीईआरटी की अवैध रूप से छपी किताबें उत्तराखंड पहुंचने की खबर, एसटीएफ हुई सक्रिय
देहरादून। मेरठ के परतापुर इलाके में अवैध रूप से एनसीईआरटी की किताबें छापने वाली प्रिंटिंग प्रेस के मामले में राज्य एसटीएफ व एक्पर्ट एजेंसियां भी सक्रिय हो गयी हैं। सूत्रों का कहना है कि राज्य एसटीएफ ने उत्तर-प्रदेश की एसटीएफ से संपर्क किया है। जानकारी मिल रही है कि मेरठ से अवैध रूप से छपी यह किताबें देहरादून सहित उत्तराखंड ने अन्य स्थानों पर भी अाई हैं। ऐसे में अवैध रूप से छापी गई किताबें मंगाने व बेचने वालों की तलाश शुरू हो गयी है।
उत्तर-प्रदेश एसटीएफ से मिली जानकारी के बाद यह कार्रवाई की जा रही हैं। माना जा रहा है देर शाम तक कुछ अहम जानकारी मिलने के बाद खुलासा हो सकता है। हालांकि अभी तक इस समाबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पा रही है।
उत्तर-प्रदेश के मेरठ में एनसीईआरटी की किताबें अवैध रूप से छापने वाले गिरोह का एसटीएफ टीम ने पर्दाफाश किया है। मेरठ पुलिस और एसटीएफ के ज्वाइंट ऑपरेशन में लगभग 35 करोड़ की नकली किताबें व मशीनरी बरामद हुई है। पुलिस ने फैक्ट्री व गोदाम सहित 3 स्थानों को सील किया है। एक दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। छापेमारी के बाद गैंग लीडर का राजनीतिक कनेक्शन उजागर हुआ है। कई दस्तावेज जलाए गए हैं। इनकी जांच की जा रही है। गौरतलब है कि सरकार देशभर के स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें लागू करवा रही है। एनसीईआरटी की किताबें छापने का अधिकार फिलहाल दिल्ली के कुछ प्रकाशकों के पास ही है। ऐसे में मेरठ से अवैध रूप से किताबें छापी गई हैं। मामले की जांच की जा रही है।
