Tue. Jun 2nd, 2026

उत्तराखंड में एक हजार से 1400 रुपये तक बढ़ी राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन

-शुक्रवार को गृह विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। अपर सचिव गृह रिद्धिम अग्रवाल की ओर से जारी आदेश के अनुसार आंदोलन के दौरान सात दिन जेल में बिताने वाले आंदोलनकारियों को अब पांच हजार रुपये प्रतिमाह की जगह छह हजार रुपये प्रतिमाह, जबकि जेल जाने वाले या घायल होने वालों के अलावा अन्य चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों को 3100 रुपये प्रतिमाह के स्थान पर 4500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।

शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (Shabd Rath News)। उत्तराखंड सरकार ने चिह्नित उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन बढ़ा दी है। सरकार ने दो श्रेणियों में क्रमश: एक हजार रुपये और 1400 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीती नौ नवंबर को राज्य स्थापना दिवस के मौके पर राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन बढ़ाने की घोषणा की थी।

शुक्रवार को गृह विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। अपर सचिव गृह रिद्धिम अग्रवाल की ओर से जारी आदेश के अनुसार आंदोलन के दौरान सात दिन जेल में बिताने वाले आंदोलनकारियों को अब पांच हजार रुपये प्रतिमाह की जगह छह हजार रुपये प्रतिमाह, जबकि जेल जाने वाले या घायल होने वालों के अलावा अन्य चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों को 3100 रुपये प्रतिमाह के स्थान पर 4500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। राज्य में प्रथम श्रेणी में चिह्नित आंदोलनकारियों की संख्या करीब तीन सौ है। जबकि, दूसरी श्रेणी में करीब छह हजार लोगों को पेंशन मिलती है।

पेंशन वृद्धि का जीओ जारी होने पर खुशी जताते हुए उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के जिलाध्यक्ष प्रदीप कुकरेती ने कहा कि अन्य घोषणाएं पूरी न होने से आंदोलनकारियों में नाराजगी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 31 दिसंबर तक चिह्निकरण की प्रकिया पूरी करने समेत दो और घोषणाएं की थीं, जिनका शासनादेश अभी जारी नहीं हो पाया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *