Tue. Jun 2nd, 2026

बिना पंजीकरण नहीं मिलेगा योग नीति का लाभ

प्रदेश में योग एवं आध्यात्म को बढ़ावा देने के साथ निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए जून 2025 में योग नीति को मंजूरी दी। नीति में सरकार ने योग केंद्रों का पंजीकरण का प्रावधान किया है।

शब्द रथ न्यूज (ब्यूरो)। प्रदेश में संचालित व नए खुलने वाले योग केंद्रों के पंजीकरण को अनिवार्य किया गया है। बिना पंजीकरण के योग नीति में सरकार की ओर से मिलने वाले वित्तीय लाभ नहीं मिलेंगे। आयुष विभाग ने अपणि सरकार पोर्टल पर योग केंद्रों का पंजीकरण शुरू कर दिया है। पंजीकरण कराने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

प्रदेश में योग एवं आध्यात्म को बढ़ावा देने के साथ निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए जून 2025 में योग नीति को मंजूरी दी। नीति में योग एवं ध्यान केंद्र विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में 50% या अधिकतम 20 लाख, मैदानी क्षेत्रों में 25% या अधिकतम 10 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी। नीति में सरकार ने योग केंद्रों का पंजीकरण का प्रावधान किया है।

आयुष सचिव दीपेंद्र चौधरी ने योग केंद्रों के पंजीकरण के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण किए योग केंद्रों के स्थापना व संचालन के लिए सरकार की तरफ से वित्तीय लाभ नहीं दिए जाएंगे। आने वाले समय में योग केंद्रों को गुणवत्ता सेवाओं के आधार पर स्टार रेटिंग दी जाएगी। रेटिंग से योग केंद्रों को फायदा मिलेगा। रेटिंग के आधार पर योग व वेलनेस पर्यटन के लिए आने वाले पर्यटक योग केंद्रों का चयन कर सकेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *