काव्य साहित्य चुनावी चटकारा … वरिष्ठ कवि जीके पिपिल February 7, 2022 Shabdradh जीके पिपिल देहरादून —————————————————————————————————————————————— अपने कहे प्रत्येक शब्द को ऐलान समझता है ख़ुद को छोड़कर सब को बे ईमान समझता है चुनाव में कोई उसको गम्भीरता से नहीं सुनता मगर वो ख़ुद को बड़ा हाई कमान समझता है Tags: चुनावी चटकारा, वरिष्ठ कवि जीके पिपिल Continue Reading Previous चुनावी चटकारा … वरिष्ठ कवि जीके पिपिलNext चुनावी चटकारा … वरिष्ठ कवि जीके पिपिल More Stories national काव्य साहित्य कवि/गीतकार वीरेन्द्र डंगवाल “पार्थ” की ‘समय’ पर एक रचना May 13, 2026 Shabdradh national उत्तराखण्ड साहित्य डॉ. इन्द्रजीत सिंह की पुस्तक ‘गायिकी की गंगा लता मंगेशकर’ का हुआ लोकार्पण May 13, 2026 Shabdradh उत्तराखण्ड देहरादून साहित्य तापस चक्रवर्ती की पुस्तक “हम्पी: उत्कर्ष से अपकर्ष तक” का हुआ लोकार्पण April 5, 2026 Shabdradh Leave a Reply Cancel replyYour email address will not be published. Required fields are marked *Comment * Name * Email * Website Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.