Thu. Sep 10th, 2026

चुनावी चटकारा … वरिष्ठ कवि जीके पिपिल

जीके पिपिल
देहरादून, उत्तराखंड

———————————————————————————–

इस दफ़ा चुनावी दंगल में शोर सुनाई नहीं पड़ता
सब कुछ आधा सा है पुरजोर दिखाई नहीं पड़ता
वैसे तो हर क्षेत्र में डटे हुये हैं कई कई उम्मीदवार
जिन्हें अपने समक्ष कोई और दिखाई नहीं पड़ता

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *