काव्य साहित्य चुनावी चटकारा … वरिष्ठ कवि जीके पिपिल January 31, 2022 admin जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड जनता को फिर मूर्ख बनाने के लिये फिर से इरादे कर लिये दावा सबका यही कि सबने पूरे पिछले सभी वादे कर दिये पुरानों के होते हुये नये लोगों को मौका मिलना है मुश्किल वो कहीं से ख़ुद खड़े हैं तो कहीं से खड़े शहजादे कर दिये Tags: चुनावी चटकारा, वरिष्ठ कवि जीके पिपिल Continue Reading Previous दल-बदल की राजनीति पर कवि जीके पिपिल की चुटकी … आज वही हुआ है अब घर के रहे ना घाट के रहेNext चुनावी चटकारा … वरिष्ठ कवि जीके पिपिल More Stories national काव्य साहित्य कवि/गीतकार वीरेन्द्र डंगवाल “पार्थ” की ‘समय’ पर एक रचना May 13, 2026 Shabdradh national उत्तराखण्ड साहित्य डॉ. इन्द्रजीत सिंह की पुस्तक ‘गायिकी की गंगा लता मंगेशकर’ का हुआ लोकार्पण May 13, 2026 Shabdradh उत्तराखण्ड देहरादून साहित्य तापस चक्रवर्ती की पुस्तक “हम्पी: उत्कर्ष से अपकर्ष तक” का हुआ लोकार्पण April 5, 2026 Shabdradh Leave a Reply Cancel replyYour email address will not be published. Required fields are marked *Comment * Name * Email * Website Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.