ग़ज़ल कवि/शाइर जीके पिपिल की गज़ल … हमारी ख़ामोशी को हमारा गुमान ना समझा जाय March 13, 2023 admin जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड ———————————————————— गज़ल हमारी ख़ामोशी को हमारा गुमान ना समझा जाय हम…
उत्तराखण्ड ग़ज़ल कवि/शाइर जीके पिपिल की गज़ल … तीरगी इस क़दर मेरी राहों में आफताब लाए March 3, 2023 admin जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड ————————————————————- गज़ल तीरगी इस क़दर मेरी राहों में आफताब लाए गिनती…
ग़ज़ल कवि/शाइर जीके पिपिल की एक ग़ज़ल … जब से हम उनके ख्वाबों की कोई ताबीर ना रहे February 21, 2023 admin जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड —————————————————– गज़ल जब से हम उनके ख्वाबों की कोई ताबीर ना…
ग़ज़ल कवि/शाइर जीके पिपिल की गजल … अपनी बात को इस तरह सोच समझकर बोल January 1, 2023 admin जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड ————————————————— गज़ल अपनी बात को इस तरह सोच समझकर बोल कि…
ग़ज़ल वरिष्ठ कवि/शाइर जीके पिपिल की ग़ज़ल … नस नस अपनी इश्क से भरकर टूट गई अंगड़ाई में July 25, 2022 admin जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड ———————————————– ग़ज़ल नस नस अपनी इश्क से भरकर टूट गई अंगड़ाई…
आध्यात्मिक कवि/शाइर जीके पिपिल की ग़ज़ल … हर घटना की अख़बार में कभी कभी ख़बर नहीं होती July 21, 2022 admin जीके पिपिल देहरादून,उत्तराखंड ——————————————- गज़ल हर घटना की अख़बार में कभी कभी ख़बर नहीं होती…
ग़ज़ल वरिष्ठ कवि/शाइर जीके पिपिल की एक ग़ज़ल … July 17, 2022 admin जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड ——————————————————————————— गज़ल अब अपने आप को टुकड़ों में खानों में बांटना…
ग़ज़ल कवि/शाइर जीके पिपिल की एक ग़ज़ल … परिवार ही सच्ची दुनियां होती है दुनियां वालों July 12, 2022 Shabdradh जीके पिपिल देहरादून ————————————————- ग़ज़ल कविता सुनना और सुनाना तो सिर्फ़ बहाना है असल उद्देश्य…
ग़ज़ल वरिष्ठ कवि जीके पिपिल की रचना … जग के मेले में कैसे कैसे कमाल देखे June 2, 2022 admin जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड —————————————————– गज़ल जग के मेले में कैसे कैसे कमाल देखे समाज…
काव्य साहित्य ग़ज़ल वरिष्ठ कवि/शाइर जीके पिपिल की ग़ज़ल … जब से देख ली है फ़िल्म कश्मीर फाइल्स हमने … March 31, 2022 Shabdradh जीके पिपिल देहरादून ———————————————————————————————- ग़ज़ल किनारों पर भी चलता हूं तो भंवर सा लगता है…